कार्यालय- नगर निगम कॉलोनी आशुतोष नगर, सिगरा , वाराणसी

संस्था का कार्य छेत्र – सम्पूर्ण भारत वर्ष

पंचगौर या पंच द्रविण ब्राह्मण, प्रवासी भारतीय ब्राह्मण तथा देश के सभी कोटि के ब्राह्मण सदस्य हो सकते है ।

सदस्यता के प्रकार–
(1) संरक्षक सदस्य
(2) आजीवन सदस्य
(3) विशिष्ट सदस्य

सदस्यता शुल्क–

सरंक्षक सदस्य 5000/-
आजीवन सदस्य–1000/-

विशिष्ट सदस्य आजीवन सदस्य (निशुल्क) सेवा, सक्रियता अवं सम्मान क आधार पर

उद्देश्य-
(1)भारतीय सम्यता संस्कृति शिक्षा संस्कार एवं धर्म के उत्थान एवं सरंक्षण के लिये प्रोत्साहित करना

(2) ब्राह्मणों की सार्वभौम सामाजिक आर्थिक, धार्मिक , राजनीतिक समस्याओं के समाधान हेतु समस्त ब्राहमण संघटनो को एक ऐसा मंच प्रदान करना जँहा एतदर्थ उपयुक्त नीतियां निर्धारित की जा सके एवं उनका संचालन सामूहिक प्रयास से किया जा सके ।

(3) ब्राह्मण समाज के विरुद्ध लगाये जा रहे आरोपों , आक्षेप एवं अधिकार हनन संबंधित समस्याओं के निदान हेतु प्रयास करना ।

(4) ब्राह्मणों को आधुनिक युगधर्म के परिप्रेक्ष्य में अपनी मौलिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान बनाये रखने के लिए प्रोत्साहित करना ।

(5) ब्राह्मण समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा वृत्ति व्यवसाय एवं सामाजिक सम्बन्ध के क्षेत्रो में आपसी सहयोग बढ़ाना ।

(6) समस्त हिन्दू समाज के धार्मिक , नैतिक एवं सांस्कृतिक उत्थान हेतु ब्राह्मणोचित उत्तरदायित्व का निर्वाह करते हुए समाज मे व्याप्त कुरीतियों , रूढ़ियों एवं धार्मिक समस्याओं के निवारण हेतु हर संभव प्रयास करना।

संस्था के वर्तमान पदाधिकारी

अध्यक्ष प. सतीशचन्द्र मिश्र पूर्व संयुक्त सचिव वाराणसी विकास प्राधिकरण 

चलला सुब्बाराव शास्त्री, महामंत्री

पूर्व पदाधिकारी

प्रोफेसर दुधनाथ चतुर्वेदी, पूर्व कुलपति महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, प्रथम अध्यक्ष

पंडित वीर भद्र मिश्र, पूर्व अध्यक्ष

उदित नारायण मालवीय, पूर्व अध्यक्ष

कर्नल रणजीत उपाध्याय, पूर्व महामंत्री

कमला कांत उपाध्याय, पूर्व महामंत्री वर्तमान वरिष्ठ उपाध्यक्ष

प. सतीशचन्द्र मिश्र

अध्यक्ष, पूर्व संयुक्त सचिव वाराणसी विकास प्राधिकरण

प्रोफेसर दुधनाथ चतुर्वेदी

प्रथम अध्यक्ष, पूर्व कुलपति महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ